वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर को पत्रकारिता भूषण की मानद उपाधि
सुरेश तांतेड़ का काम भारतीय परंपरा को जीवित रखने का काम था । गुरु शिष्य परम्परा ने देश की संस्कृति को बहुत ज्यादा योगदान दिया है । पं सुरेश तांतेड़ ने भोपाल में शास्त्रीय संगीत को बढ़ाने का बड़ा काम किया । उक्त बात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने कहीं ।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व सांसद श्री रघुनन्दन शर्मा ने कहा कि अनुपम जीवट के धनी पं. सुरेश तातेड़ के जाने से प्रदेश में सांस्कृतिक रिक्तता व्याप्त हो गयी । सम्मानित विभूतियों की ओर से स्वीकृति वक्तव्य देते हुए श्री विजय दत्त श्रीधर ने कहा कि पं. सुरेश तातेड़ की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर पर 51 हजार रुपये सम्मान निधि के साथ “पं सुरेश तांतेड़ राष्ट्रीय कला सम्मान” देने का निर्णय किया गया है जो संगीत नृत्य व रंगकर्म के लिये प्रतिवर्ष प्रदान किया जायेगा । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री राजीव वर्मा ने कहा कि तांतेड़ जी का संगीत और कला के प्रति समर्पित अप्रतिम व्यक्ति थे । आयोजन में पूर्व मंत्री श्री पी. सी. शर्म एवं पत्रकार श्री राजेन्द्र शर्मा भी मंचासीन थे ।
मानस भवन के सभागार में आयोजित अभिनव कला परिषद एवं मधुवन के 55वें गुरु वंदना महोत्सव में अतिथियों ने देश के पद्मश्री अलंकृत श्री विजय दत्त श्रीधर को पत्रकारिता भूषण की मानद उपाधि , शीर्ष कला मनीषी श्री रमेश बोराणा – जोधपुर, डाॅ. हरिमोहन बुधौलिया – उज्जैन, डाॅ. राम वल्लभ आचार्य – भोपाल, पं. उमेश भट – उज्जैन एवं श्री गोपाल चन्द्र गुप्ता – नरसिंहगढ़ को *श्रेष्ठ कला आचार्य तथा पं. कमल कामले, पं. अनिल पौराणिक को अभिनव संगीत रत्न तथा श्री देवेन्द्र सक्सेना श्री बद्र वास्ती, शोएब खान एवं श्रीमती प्रीति राठौर को अभिनव कला सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया । इस अवसर पर कीर्ति सूद ने भजन एवं पं. कमल कामले ने वायलिन वादन की प्रस्तुति दी । तबले पर साथ रामेन्द्र सिंह सोलंकी ने संगति दी ।
अतुल सुरेश तातेड़
सचिव एवं निदेशक

