राजनीतिक फूफा बनाम सामाजिक फूफा !

भारतीय राजनीति में नेताओं का लोगों से पारिवारिक रिश्ता बनाना और जनता द्वारा उन्हें…

By अजय बोकिल

चाक की धूल और अस्मिता का संकट: गुरु से कर्मचारी तक की यात्रा

भारतीय संस्कृति और वांग्मय में ‘गुरु’ कोई पद, वेतनभोगी व्यवस्था या आजीविका का साधन…

कृष्ण की प्रासंगिकता

प्रेम' जीवन की प्राणवायु है- प्रेम ना हो तो सृष्टि चक्र रुक जाएगा। वस्तुतः…

हिमालय की दर्दभरी पुकार : रोक दो अब अत्याचार

हिमालय केवल पर्वतों की एक विशाल शृंखला नहीं है। वह भारत और समूचे दक्षिण…

अन्तरराष्ट्रीय युवा दिवस (12 अगस्त): संकल्प और सरोकार

आज का भारत एक ऐसे नवजागरण का साक्षी बन रहा है, जहाँ देश का…

गांधी के सच्चे उत्तराधिकारी संपादक थे माथुर

भोपाल के गांधी भवन का मोहनिया सभागार उस शाम खचाखच था।वह शब्दों की चमक…

By karmveer

खेजड़ी : थार का कल्पवृक्ष

पीपल पर्यावरण और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, इसमें कोई संदेह नहीं। पर थार…

लोकसंग्रह का प्रतिमान : पद्मश्री कैलाशचन्‍द्र पंत

हिन्‍दी-जीवनव्रती श्री कैलाशचन्‍द्र पंत को वर्ष 2026 के पद्मश्री अलंकरण से विभूषित किया गया…

यह युवाओं की आत्मशक्ति के साक्षात्कार की नई शुरूआत है…

नीट पेपर लीक के‍ खिलाफ उपजे जेन ज़ी के प्रभावी आंदोलन और युवाओं के…

By अजय बोकिल

सावन साग और भादों दही…मरिहो नहीं तो परिहो सही…

वर्षा ऋतु में खानपान को लेकर एक कहावत प्रसिद्ध है-सावन साग और भादों दही।मरिहो…

पंडवानी की प्राणवायु का महाप्रयाण…

सांझ मौन ओढ़े खड़ी है, प्रभात की नव वेला भी उदासी में लिपटी है।…

गैर-हिंदी भाषियों का हिंदी प्रचार में सबसे बड़ा योगदान : पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर

वर्धा : हिंदी के प्रचार-प्रसार में गैर-हिंदी भाषियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।…

By karmveer
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