स्कूल के दिनों में जब वैश्विक सामान्य ज्ञान का रट्टा मारा करते थे, तब न्यूयॉर्क का नाम ‘गगनचुंबी अट्टालिकाओं के शहर’ के रूप में किताबों में दर्ज हुआ करता था। अब तो विश्व के अनेक देशों में गगनचुंबी अट्टालिकाएं तामीर हो गई हैं,लेकिन न्यूयॉर्क की भव्यता अब भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

न्यूयॉर्क को कोई सपनों का शहर कहता है,तो कोई विश्व का प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र। अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण यह शहर स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी,टाइम्स स्क्वायर और संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय के लिए भी जाना जाता है।
वॉल स्ट्रीट जहां इसे वित्तीय राजधानी की पहचान देता है, वहीं संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय इस शहर को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित करता है।
यहां निवासरत लोगों की धार्मिक और भाषाई विविधता इस शहर को बहु सांस्कृतिक केंद्र का स्वरूप प्रदान करती है।
टाइम्स स्क्वेयर तो जैसे न्यूयॉर्क का दिल है। यह चौराहा कला,संस्कृति, वाणिज्य और मनोरंजन का वैश्विक केंद्र है। इसीलिए इसे ‘दुनिया का चौराहा’ भी कहा जाता है।
झिलमिल रंगीन रोशनी से जगमगाता हुआ यह इलाका कल्पनाशीलता की अद्भुत मिसाल है। विश्व के लाखों पर्यटक सिर्फ यहां की चकाचौंध देखने ही यहां खिंचे चले आते हैं।
टाइम्स स्क्वायर पर लगे विद्युत रोशनी से जगमगाते बड़े-बड़े साइन बोर्ड शहर की भौतिक चकाचौंध को प्रदर्शित करते हैं। ब्रॉडवे थियेटर मनोरंजन की अकल्पनीय दुनिया की सैर कराते हैं।
एबीसी स्टूडियो, विश्व के प्रायः समस्त बड़े ब्रांडों के शोरूम और रेस्टोरेंट की विस्तृत श्रृंखला… सब कुछ यहां मौजूद हैं। और यही सब मिलकर टाइम्स स्क्वायर को अमेरिका का ही नहीं,दुनिया का सबसे लोकप्रिय और व्यस्त इलाका बनाते हैं।

पहले इसे ‘लॉन्गएकर स्क्वायर’ के नाम से जाना जाता था। 1904 में ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अखबार का मुख्यालय यहां बनाया,तभी से इसे टाइम्स स्क्वायर नाम मिला। एक विश्व प्रसिद्ध चौराहे का नाम अखबार के नाम पर लोकप्रिय हो जाना अपने आप में एक विशिष्ट घटना है। यह नामकरण अमेरिका में ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की शाख और लोकप्रियता का प्रमाण भी है।
न्यूयॉर्क को अनवरत जागने वाला शहर क्यों कहा जाता है, इसे टाइम्स स्क्वायर की सड़कों पर घूमते हुए सहज ही समझा जा सकता है।
न्यूयॉर्क में क्रिसमस का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इन दिनों यहां क्रिसमस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। लोगों का उत्साह जगमगाती साज-सज्जा के माध्यम से प्रकट हो रहा है।
टाइम्स स्क्वायर पर आयोजित होने वाला ‘बाल ड्रॉप’ समारोह नववर्ष के स्वागत का एक भव्य आयोजन है, जिसमें शामिल होने के लिए दुनिया भर के लाखों लोग यहां आते हैं। वैसे तो आंग्ल नववर्ष के स्वागत में विश्व भर में अनेक समारोह आयोजित होते हैं,लेकिन ‘बाल ड्रॉप’ समारोह की लोकप्रियता शीर्ष पर है।
न्यूयॉर्क टाइम्स प्रबंधन द्वारा 1907 में पहली बार यह समारोह आयोजित किया गया था,और तबसे इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है।
न्यूयॉर्क शहर में एक अजीब सा आकर्षण है, जो इसे एक विशिष्ट दर्जा देता है। यह अकारण नहीं है कि दुनिया के तमाम मुल्कों के लोग जब भी अमेरिका के बारे में सोचते हैं, तो उनके जेहन में सबसे पहले न्यूयॉर्क ही आता है।
मैं यह तो नहीं कहूंगा कि न्यूयॉर्क शहर घूमकर मेरी जन्मजन्मांतर की कोई असाध्य सी साध पूरी हो गई है, लेकिन इतना जरूर है कि अमेरिका भ्रमण का कार्यक्रम बनाते समय न्यूयॉर्क शहर और टाइम स्क्वायर ही मेरे जेहन में था;और इसीलिए हमने न्यूयॉर्क में अपने रुकने का ठिकाना टाइम्स स्क्वायर पर स्थित एक होटल को बनाया।
टाइम्स स्क्वायर अब इसलिए भी याद रहेगा क्योंकि बरसों बाद किसी शहर की सड़कों पर हम सिर्फ घूमने के लिए घूमे,और घंटो मटरगश्ती की।

हमें बताया गया कि यहां का जोश पिज्जा (Joe’s PIZZA) वैसे ही मशहूर है,जैसे भारत के प्रत्येक शहर में कुछ खाने-पीने के रेस्टोरेंट होते हैं; जिनकी रेसिपी और स्वाद उन्हें विशिष्ट बनाते हैं। बस,हमारे अंदर बलात दबाया गया भूतपूर्व चटोरा जाग उठा,और हम भी लाइन में लग गए। देश-विदेश के चटोरों की लंबी कतार रेस्टोरेंट के लोकप्रिय और प्रसिद्ध होने की गवाही दे रही थी।
पिज़्ज़ा खाने का बहुत अनुभव न होने की वजह से यह तो नहीं कह सकता कि यहां का पिज्जा बाकी सबसे कितना अलग था,लेकिन अच्छा लगा।
रेस्टोरेंट की एक दीवार दुनिया भर के उन सेलिब्रिटीज की तस्वीरों से भरी है,जिन्होंने इस रेस्टोरेंट के पिज़्ज़ा का स्वाद लिया है।
इन तस्वीरों में भारत के सिर्फ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट दिखाई दिए। यद्यपि यह कोई उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं है,फिर भी अच्छा लगा।
टाइम्स स्क्वायर की सड़कों पर चहलकदमी करने के साथ-साथ न्यूयॉर्क शहर ‘टॉप ऑफ़ द रॉक’ की 70 वीं मंजिल से शहर की गगनचुंबी अट्टालिकाओं से होड़ करने का अवसर भी प्रदान करता है। राॅकफैलर सेंटर में स्थित यह ऊंची इमारत अपनी 67 वीं ,69 वीं और 70 वीं मंजिल से पर्यटकों को शहर के भव्य नज़ारे से रूबरू कराने के लिए मशहूर है। यहां से शहर की भव्यता और गगनचुंबी अट्टालिकाओं को देखना, अपनी लघुता को थोड़ी देर के लिए विस्मृत कर शहर की तमाम ऊंचाइयों के बराबर खड़ा होने का रोमांचक अनुभव देता है।
यही तो न्यूयॉर्क शहर का आकर्षण है। इसे सपनों का शहर यूं ही नहीं कहा जाता।

*अरविन्द श्रीधर


बहुत ही अच्छा आलेख। हम यहां भोपाल में बैठे बैठे रोज अमेरिका की सैर कर रहे हैं। धन्यवाद सर।