अमेरिका टूर डायरी – 11 : मायानगरी लॉस एंजेलिस की सैर – 2

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मैडम तुसाद म्यूजियम

देश-विदेश में चौराहों से लगाकर संग्रहालयों तक में एक से बढ़कर एक कलात्मक मूर्तियां मौजूद हैं,लेकिन जो कलात्मक उत्कृष्टता मैडम तुसाद म्यूजियम की मोम मूर्तियों में है,वह अपने आप में अद्भुत है।
सजीव सी दिखने वाली मूर्तियों की प्रशंसा में अक्सर कहा जाता है – ‘लगता है मूर्तियां बोल पड़ेंगी।’ लेकिन तुसाद म्यूजियम देखने के बाद लगता है कि इतना कहना म्यूजियम की कलात्मक उत्कृष्टता के लिए पर्याप्त नहीं है। म्यूजियम की प्रशंसा के लिए कुछ अलग… कुछ विशिष्ट सोचना पड़ेगा।

अब इसे पुतलों को गढ़ने वाले कारीगरों की कला का जादू कहें अथवा उन हस्तियों के व्यक्तित्व के चमकदार आभामंडल का प्रभाव, ऐसा लगता ही नहीं है कि हम जिन मोम के पुतलों को निहार रहे हैं,वह बेजान हैं।

तुसाद म्यूजियम अपनी इसी कलात्मकता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। म्यूजियम लोकप्रियता और वैश्विक स्वीकार्यता का पैमाना भी है। विश्व की लगभग सभी महत्वपूर्ण और चर्चित हस्तियों के पुतले तुसाद म्यूजियम में रखे गए हैं।

मैरी तुसाद मूलतः फ्रांस की रहने वाली थीं,जिन्हें वैक्स से पुतले बनाने की कला विरासत में मिली थी। 1835 में वह लंदन में आकर बस गईं,और यहीं पर उन्होंने पहला संग्रहालय स्थापित किया।
आज अमेरिका के वाशिंगटन,न्यूयॉर्क, सेनफ्रांसिस्को और लॉस एंजेलिस सहित नीदरलैंड,शंघाई और नई दिल्ली में भी मैडम तुसाद म्यूजियम खुल गए हैं,जिनमें राजनीति,खेल,साहित्य और फिल्मों
सहित सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली हस्तियों की जीवंत सी प्रतीत होने वाली प्रतिमाएं प्रदर्शित की गई हैं।

मायानगरी हॉलीवुड में स्थित म्यूजियम में माइकल जैक्सन,एलविस प्रेसले,जैकी चैन,जिम कैरी,रेयान रेनॉड्स,जॉन ट्रेवोल्टा,मैरिलिन मुनरो, टेलर स्विफ्ट जैसे विश्व प्रसिद्ध कलाकारों की मूर्तियां देखने को मिलती हैं।
और हां,इन सब के बीच,भारत में सदी के महानायक के रूप में प्रतिष्ठित अमिताभ बच्चन भी पूरे रौबदाब के साथ उपस्थित हैं।

म्यूजियम प्रबंधन की एक और बात ने प्रभावित किया। म्यूजियम में सौ-डेढ़ सौ सीटों वाला एक छोटा सा थिएटर है। थिएटर में पर्यटकों को लगभग 20 मिनट की एक फिल्म दिखाने की व्यवस्था है। यह दर्शक की इच्छा पर निर्भर है कि वह फिल्म देखना चाहता है या नहीं? हमने फिल्म देखने की इच्छा जाहिर की,लेकिन समस्या यह थी कि फिल्म देखने की इच्छा रखने वाले हम सिर्फ तीन लोग ही थे। प्रबंधन ने हमारी इच्छा का मान रखते हुए,सिर्फ तीन दर्शकों के लिए फिल्म का प्रदर्शन किया।
ऐसी व्यावसायिक प्रतिबद्धता ही मैडम तुसाद म्यूजियम को अतिविशिष्ट बनाती है।

यूनिवर्सल स्टूडियो

यूनिवर्सल स्टूडियो को यदि हॉलीवुड का सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। थीम पार्क के रूप में विकसित यह स्टूडियो हॉलीवुड फिल्मों में दिखाए जाने वाले दृश्यों और भव्य सेट्स की प्रत्यक्ष सैर कराता है।
1912 में स्थापित यह स्टूडियो अमेरिका के सबसे पुराने स्टूडियोज में शामिल है,जो 400 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है।

स्टूडियो में अलग-अलग थीम पर केंद्रित खंड बने हुए हैं,जो दर्शकों खासतौर पर बच्चों और युवाओं को सपनों की उस दुनिया की सैर कराते हैं, जो सामान्यतः रूपहले पर्दे पर ही देखने में आती है।

साउंड स्टेज और फिल्मों के वास्तविक सेट्स देखना रोमांचित करता है। बरसात, बरसात के बाद दिखाई देने वाले दृश्य,आसमान में कड़कती हुई बिजली, तूफान,भूकंप, जगमगाते हुए महल, वीरान हवेलियां, जंगल,पहाड़,रेगिस्तान और न जाने कितने तरह के इफैक्ट्स जो फिल्मों में दिखाई देते हैं,यह स्टूडियो सब कुछ अपने में समाहित किए हुए है।
सब कुछ इतना परफेक्ट और प्रभावी कि पर्यटक दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो जाते हैं।

स्टूडियो की बस में बैठकर आप इन सारे सैट्स को एक-डेढ़ घंटे में देख सकते हैं। एक गाइड भी साथ चलता है,जो हर सैट और दृश्य के बारे में जानकारी देता रहता है।

कल्पना की उड़ान,कलात्मक दक्षता और तकनीक का सुंदर समन्वय है यह स्टूडियो।

ट्रांसफॉर्मर्स,ममी और किंग काँग जैसी फिल्मों की थीम पर निर्मित राइड्स (सवारी) रोमांचित भी करती हैं,और आपकी हिम्मत की परीक्षा भी लेती हैं। जुरासिक पार्क राइड्स एक अलग ही दुनिया की सैर कराते हुए जल क्रीड़ा का आनंद देती है।

विगत ढाई-तीन दशकों में जे के रॉलिंग की ‘हैरी पॉटर’ पुस्तक श्रृंखला ने समूचे विश्व में एक विशाल पाठक वर्ग तैयार किया है। इसी पर केंद्रित आठ फिल्मों की श्रृंखला ने लोकप्रियता और कामयाबी का नया इतिहास लिखा। स्टूडियो में इसी लोकप्रिय श्रृंखला पर केंद्रित है -‘हैरी पॉटर एंड द फॉरबिडन जर्नी ‘ शीर्षक राइड।
रोमांच की ऐसी दुनिया जो 20 मिनट की सवारी में हैरी पॉटर श्रृंखला में वर्णित तिलिस्मी दुनिया का प्रत्यक्ष अनुभव करा देती है।

यह सभी राइड्स दरअसल ऐसे झूलों की सवारी हैं,जिनमें बैठना सर्वथा नए और हैरतअंगेज अनुभवों से रूबरू होना है। सवारी के दौरान 3D इफेक्ट्स के साथ आसपास चल रही दृश्यावलियां इसे और भी रोमांचक बनाती हैं।

स्टूडियो परिसर में कहीं मैजिक शो चल रहा होता हैं,तो कहीं लाइव स्टंट शो चल रहा होता है। कहीं से लोकप्रिय चरित्रों पर केंद्रित खिलौनों की दुकान आपको आकर्षित कर रही होती है, तो कहीं आप खुद को ऐसी भूलभुलैया में पाते हैं, जहां यह निर्णय करना मुश्किल लगता है कि अब स्टूडियो की किस तिलिस्मी दुनिया में प्रवेश किया जाए।

अब तक बहुत से लाइट एंड साउंड शो देखे हैं, लेकिन हैरी पॉटर की जादुई और रहस्यमई दुनिया के सेट पर प्रदर्शित लाइट एंड साउंड शो तो जैसे अपने हर बदलते दृश्य के साथ कल्पनाशीलता की नई-नई मिसालें पेश करने पर आमादा लगा।

कुल मिलाकर यूनिवर्सल स्टूडियो एक ऐसी दुनिया की सैर कराता है,जहां पर्यटक खुली आंखों से सपना देख सकते हैं, रहस्य और रोमांच का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकते हैं, साथ ही खुद के भीतर मौजूद रचनात्मकता को आकार देने की प्रेरणा भी ग्रहण कर सकते हैं।
बस एक बार आप स्टूडियो में प्रवेश भर कर लें, बाकी का काम यहां की हवा में घुला हुआ रोमांच अपने आप कर लेगा ।

यूनिवर्सल स्टूडियो भारत में भी स्थापित होने जा रहा है। दिल्ली के निकट आकार ले रहा यह थीम पार्क वर्ष 2027 में दर्शकों के लिए खुलने की संभावना है।


गैटी सेंटर

गैटी सेंटर अपेक्षाकृत नया पर्यटन केंद्र है,लेकिन अपने अनोखे वास्तुविन्यास और दुर्लभ कलाकृतियों के संग्रह के चलते पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है। संग्रहालय 1997 में पर्यटकों के लिए खोला गया था।

गैटी सेंटर के संग्रहालय में 13 वीं शताब्दी से लगाकर आधुनिक काल तक की यूरोपीय,यूनानी और रोमन कलाकृतियों का विशाल संग्रह मौजूद है।

केंद्र परिसर में बाग बगीचे कुछ इस खूबसूरती से विकसित किए गए हैं,जैसे प्रकृति की अनुपम छटा और मनुष्य की कल्पनाशीलता जुगलबंदी कर रही हो, और जिसके फलस्वरुप एक बड़े से कैनवास पर नयनाभिराम लैंडस्केप उभर आए हों।

प्रवेश द्वार से मुख्य संग्रहालय भवन तक जाने के लिए ट्राम की सुविधा उपलब्ध है,जिसकी सवारी करते हुए आप लॉस एंजेलिस की खूबसूरत पहाड़ियों,पहाड़ियों के बीच बसी खूबसूरत बस्तियों और प्राकृतिक सौंदर्य को निहार सकते हैं।

ट्राम की यह 10 मिनट की सवारी एक तरह से गैटी सेंटर की भव्यता की काव्यात्मक प्रस्तावना जैसी है।

इस केंद्र की परिकल्पना और संरचना कुछ इस तरह की है,जो इसे सांस्कृतिक विरासत,कला संग्रहालय, वास्तुकला और नैसर्गिक सौन्दर्य के उत्कृष्ट समन्वय स्थल के रूप में प्रतिष्ठित करती है।

और हां,अमेरिका के लगभग समस्त संग्रहालयों की तरह यहां भी प्रवेश निःशुल्क है।

*अरविन्द श्रीधर

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