अमेरिका टूर डायरी श्रृंखला के तहत आज लिंकन मेमोरियल,वाशिंगटन स्मारक एवं संयुक्त राज्य बॉटनिक गार्डन की चर्चा…
लिंकन मेमोरियल

नेशनल पार्क सर्विस द्वारा संचालित लिंकन मेमोरियल अमेरिका में गृह युद्ध की समाप्ति एवं दासप्रथा उन्मूलन जैसे ऐतिहासिक फैसलों के शिल्पकार अमेरिका के 16 वें राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन को समर्पित है। स्मारक 1922 में जनता के लिए खोला गया था।
ग्रीक मंदिरों के स्थापत्य से प्रभावित स्मारक भवन में संगमरमर के 36 विशाल स्तंभ हैं। भवन के बीचों-बीच सिंहासननुमा चबूतरे पर अब्राहम लिंकन की 19 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा के दोनों ओर दीवारों पर लिंकन के प्रसिद्ध भाषणों, गेटिसवर्ग संबोधन और दूसरी बार राष्ट्रपति पद ग्रहण करते समय दिए गए संबोधन(Second Inaugural Address) को उकेरा गया है।
यह ऐतिहासिक उद्बोधन इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके माध्यम से अमेरिकी लोकतंत्र,स्वतंत्रता और समानता के आदर्शों को परिभाषित किया गया है। यह उद्बोधन केवल अमेरिका के लिए नहीं,अपितु हर उस देश और व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं,जो लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखते हैं।
मार्टिन लूथर किंग जूनियर द्वारा अगस्त 1963 में अपना प्रसिद्ध भाषण ‘आई हैव ए ड्रीम’ भी यहीं दिया गया था। लिंकन मेमोरियल की सीढ़ियों पर इस भाषण के मुख्य अंश भी अंकित किए गए हैं।
वॉशिंगटन स्मारक

अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन को समर्पित यह स्मारक 555 फीट ऊंचा है,जो उस समय तक सबसे ऊंची पत्थरों से निर्मित संरचना थी।
इसका निर्माण 1848 में प्रारंभ हुआ था। बीच में कुछ समय के लिए निर्माण कार्य बाधित हुआ। अंततः 1884 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ।
वॉशिंगटन स्मारक का स्थापत्य इजीप्सियन वास्तु शैली से प्रभावित है।
नज़दीक से देखने पर इस विशाल स्तंभ पर तीन अलग-अलग रंग नजर आते हैं। इसका कारण है कई चरणों में संपन्न हुआ निर्माण कार्य। प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग खदानों से पत्थर आए। हर खदान के पत्थरों का रंग अलग था, परिणामस्वरुप स्तंभ पर स्वाभाविक रुप से तीन रंग दिखाई देने लगे।
अपनी ऊंचाई के कारण वॉशिंगटन स्मारक दूर से ही दिखाई देता है,लेकिन इसे अंदर से भी देखा जा सकता है। पर्यटक लिफ्ट में सवार होकर सिर्फ़ 70 सेकंड में 500 फिट की ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। 500 फिट की ऊंचाई से शहर को निहारना एक अलग ही रोमांचक अनुभव होता है।
लिंकन मेमोरियल और वाशिंगटन स्मारक आमने- सामने स्थित हैं। यह ऐसा लगता है मानो अमेरिका, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास की गगनचुंबी आकांक्षाओं की उदघोषणा एक साथ कर रहा हो।
संयुक्त राज्य वाटनिक गार्डन

संयुक्त राज्य वाटनिक गार्डन वाशिंगटन का ऐसा उद्यान है जिसकी स्थापना लगभग पौने दो सौ साल पहले हुई थी,और तबसे इसकी हरियाली,
वानस्पतिक विविधता और रंग बिरंगे फूल-पौधे अमेरिका सहित समूचे विश्व के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। यह अमेरिका के सबसे पुराने उद्यानों में से तो है ही, इतने लंबे समय तक लगातार कार्यशील रहने वाला संभवतः इकलौता उद्यान भी है।
उद्यान की वानस्पतिक विविधता अत्यंत समृद्ध है।उद्यान में लगभग 44000 पौधों का संग्रह है,जिनमें औषधीय पौधे,मनुष्य के दैनिक जीवन के लिए आवश्यक वस्त्र,आवास और भोजन उपलब्ध कराने में सहायक पौधे,आरकिड,मांसाहारी पौधे, कैक्टस और सक्यूलेंट (गूदेदार पौधे,जैसे एलोवेरा) पौधे शामिल हैं।
उद्यान की स्थापना पौधों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण,अनुसंधान और आवश्यकतानुसार पौधे उपलब्ध कराने के उद्देश से की गई थी।
1842 में उद्यान ने आकार लेना शुरु किया। 1850 में इसे आम जनता के लिए खोला गया। उद्यान अपने वर्तमान स्वरुप में सन् 1933 में आया।
उद्यान का भ्रमण हमें एहसास कराता है कि प्रकृति का खजाना कितना समृद्ध है। कितने रंग,कितनी आकृतियां, कितने आकार, पृथ्वी ग्रह की जलवायु विविधता के अनुकूल कितने प्रकार की वनस्पति… सब कुछ अद्भुत…अकल्पनीय…
इतनी विविधता का पालन-पोषण और संरक्षण निश्चित ही श्रमसाध्य कार्य है,जिसके लिए उद्यान के कर्मचारियों की जितनी प्रशंसा की जाए,कम है!
*अरविन्द श्रीधर


