हॉलीवुड के लिए प्रसिद्ध लॉस एंजेलिस अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह शहर फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र तो है ही,वैश्विक सांस्कृतिक समागम का प्रमुख मंच भी है। दुनिया भर के लोग यहां आकर बसे हैं,अतः यह शहर स्वाभाविक रूप से विभिन्न कलाओं, संस्कृतियों,फैशन और खानपान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा है।
लॉस एंजेलिस शहर में वह सब कुछ है,जिसे पर्यटक देखना चाहते हैं। खूबसूरत समुद्री तट,हरे भरे पहाड़, नेशनल पार्क और हॉलीवुड की चमक-दमक,यह सब मिलकर शहर को आकर्षक स्वरूप देते हैं। कैलिफोर्निया प्रांत की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में शुमार है लॉस एंजेलिस।
अपने संक्षिप्त नाम ‘एल.ए.’ के अलावा इसे ‘सिटी आफ एंजेल्स’ के नाम से भी जाना जाता है।
प्रकृति ने लॉस एंजेलिस को बेहद उदारता के साथ खूबसूरती बक्सी है। समंदर,रेगिस्तान,पहाड़, हरियाली और हरी-भरी घाटियों जैसी प्रकृति की नेमतों को अपने आंचल में समेटे एल ए का मौसम कदाचित इसीलिए रचनात्मकता के अनुकूल है। यहां ना तो बहुत ज्यादा ठंड होती है और ना ही बहुत ज्यादा गर्मी।
ऐसे में लॉस एंजेलिस का विश्व की ‘क्रिएटिव कैपिटल’ के रूप में विख्यात हो जाना आश्चर्यचकित नहीं करता। इसके गवाह के रूप में शहर में मौजूद हैं अनेक म्यूजियम एवं दीर्घाएं,जो अपने समृद्ध संग्रहों में उत्कृष्ट कलाकृतियाँ सहेजे हुए हैं।
हॉलीवुड वॉक ऑफ़ फेम

हॉलीवुड वाक ऑफ़ फेम,बुलेवार्ड और वाइन स्ट्रीट के फुटपाथों पर विकसित किया गया एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
यह जगह विश्व के नामी-गिरामी अभिनेताओं,
अभिनेत्रियों,गायकों, संगीतकारों और काल्पनिक पात्रों द्वारा कला जगत में दिए गए योगदान को
वैश्विक मान्यता प्रदान करने और उनके प्रति सम्मान प्रदर्शित करने का एक जरिया बन गई है।
कला जगत की जिस प्रसिद्ध हस्ती का नाम वॉक ऑफ़ फेम में शामिल होने के लिए चयनित होता है,उसके नाम का एक सितारा फुटपाथ पर अंकित कर दिया जाता है।
यह एक प्रकार से कला जगत के आसमान में जगमगाते सितारों की जमीनी लोकप्रियता के प्रकटीकरण का एक अद्भुत कलात्मक अंदाज़ है।
अब तक विश्व भर के 2500 से अधिक कलाकारों के नाम यहां दर्ज किए जा चुके हैं।
जहां तक वॉक ऑफ फेम में भारतीय सितारों के प्रतिनिधित्व की बात है,दीपिका पादुकोण यह सम्मान हासिल करने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री होने जा रही हैं। इस बाबत संबंधित एजेंसी द्वारा घोषणा की जा चुकी है।वर्ष 2026 में उनके नाम का सितारा भी वाक ऑफ़ फेम में जगमगाता हुआ दिखाई देगा।
हॉलीवुड साइन

हॉलीवुड साइन आज पूरी दुनिया में अमेरिकी मायानगरी के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध है। लेकिन इसका इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि यह दरअसल एक रियल एस्टेट कंपनी के विज्ञापन के रूप में स्थापित किया गया था। उस कंपनी ने 1923 में अपने प्रस्तावित प्रोजेक्ट का नाम रखा था- ‘हालीवुडलैंड’,जिसके प्रचार-प्रसार के लिए 45 फुट ऊंचे और 350 फुट चौड़े सफेद अक्षरों की यह संरचना स्थापित की गई थी।
1949 में लैंड शब्द पृथक हो गया और धीरे-धीरे ‘HOLLYWOOD’ लोकप्रिय होता चला गया। आज विश्व भर के लाखों पर्यटक सिर्फ इस साइन के साथ फोटो खिंचवाने के लिए ही यहां चले आते हैं।
उत्सुकता हमें भी थी। इसलिए यह तय किया गया कि पहले पहाड़ी पर जाकर लॉस एंजेलिस की पहचान बन चुके हॉलीवुड साइन के साथ फोटोशूट कर लिया जाए,ताकि दिन के शेष समय में अन्य पर्यटन स्थलों की सैर की जा सके।
लेकिन वहां पहुंचने पर हम पाते हैं कि पूरी पहाड़ी धुंध के आवरण में छुपी हुई है और कुछ भी नज़र नहीं आ रहा।
हमें बताया गया कि शीत ऋतु में समुद्र तट पर बसे शहरों में कभी कभी ऐसा होता रहता है,और इस सीज़न में यह पहली बार हुआ है। लेकिन इस ‘पहली बार’ ने पर्यटकों का उत्साह तो ठंडा ही कर दिया ना।
अब इस धुंध को कौन समझाए कि हम भी पहली बार ही यहाँ आए हैं,और आगे का पता नहीं,आ पाते हैं या नहीं?
हम मौसम के साफ़ होने की प्रतीक्षा करने के अलावा और कुछ कर भी नहीं सकते थे।लेकिन प्रतीक्षा भी आख़िर कितनी देर तक करते? सो मन मसोसकर चल पड़े अगले ठिकाने की ओर।
पता चला कि धुंध अपराह्न तीन-साढ़े तीन बजे तक पहाड़ी पर डेरा डाले रही थी।
वह तो भला हो वो उस टैक्सी ड्राईवर का जो हमें वॉक ऑफ़ फ़ेम पर छोड़ने आया था और जिसने बातों-बातों में बताया कि वाक ऑफ़ फ़ेम पर टहलते हुए आख़िरी किनारे पर स्थित चौराहे से हालीवुड साइन बिलकुल स्पष्ट दिखाई देता है।
उसका कहना सही था। थोड़ा दूरी से ही सही,लेकिन अब वह पहाड़ी स्पष्ट नज़र आ रही थी,जिसने अपने सीने पर ‘HOLLYWOOD’ का गुदना खुदवा रखा है।
फंको पॉप : खिलौनों की जादुई दुनिया
वॉक ऑफ फेम पर ही है खिलौनों का बड़ा सा स्टोर ‘फंको पॉप’। यह खिलौना स्टोर सिनेमा और कार्टून जगत के चरित्रों पर आधारित है। यहां लगभग हर लोकप्रिय चरित्र की प्रतिकृति खिलौने के रूप में उपलब्ध है। अपनी अनोखी आकर्षक डिजाइन, विविधता और विशाल रेंज के चलते यह स्टोर खिलौना प्रेमियों एवं संग्राहकर्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।
स्टोर में प्रवेश करते ही आप पाते हैं कि यहां पाकेट साइज खिलौनों से लेकर अत्यंत विशाल आकार के खिलौने तक की विस्तृत रेंज आपको लुभाने के लिए तत्पर है।
मनोरंजन जगत की लगभग समस्त लोकप्रिय फ्रेंचाइजी से संबंधित चरित्रों के लिए स्टोर में पृथक-पृथक दीर्घाएं बनी हुई हैं। हमने जायजा तो लगभग सभी दीर्घाओं का लिया,लेकिन मज़ा आया ‘हैरी पॉटर’ और ‘स्टार वॉर्स’ दीर्घाओं में, क्योंकि इनके बारे में थोड़ी बहुत मालूमात हमको थी।
स्टोर में अपनी पसंद के अनुसार खिलौने डिजाइन करने की सुविधा भी उपलब्ध है,जो इसे और भी विशिष्ट बनाती है।
संयोग से जिस दिन हम लोग स्टोर का भ्रमण कर रहे थे,उस दिन हमारी शादी की सालगिरह थी। बिटिया की आग्रहपूर्ण मनुहार के चलते हमने भी अपने नाम के खिलौने डिजाइन करने की सहमति दे दी। कंप्यूटर डिज़ाइनर बिटिया ने वस्त्र विन्यास से लगाकर चश्मे तक और हेयर स्टाइल से लगाकर कैप तक सब कुछ वैसा ही डिजाइन कर दिया,जैसा हम लोग सामान्यतः उपयोग करते हैं। हमारी पसंद का भी ख्याल रखा गया। श्रीमती जी के एक हाथ में बड़ा सा बैग,तो दूसरे हाथ में पौधों को पानी देने वाला हजारा थमाया गया,जबकि मेरे एक हाथ में मोबाइल तो दूसरे में पुस्तक थमाई गई।
अगले 15 मिनट में आकर्षक पैकिंग के साथ वह खिलौना हमारे हाथों में था। खिलौना पाकर ऐसा लगा जैसे शादी की सालगिरह पर अब तक का सबसे कीमती उपहार मिल गया हो।

खुशी भी कितनी अजीब शै है। कभी छोटे से खिलौने से ही मिल जाती है,और कभी दुनिया की सबसे कीमती चीज से भी नहीं मिलती।
*अरविन्द श्रीधर

