सामयिक

गाँव की स्थानीय स्व-सरकार : वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता

भारत का गाँव एक सांस्कृतिक ईकाई है, जो परिवार और पड़ोस से मिलकर बनता…

पंचायती राज- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि : वर्तमान परिदृश्य

पंचायत व्यवस्था वैदिक काल से ही हमारे सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है.…

निशाने पर पर्यटक : एक सोची-समझी चाल

विगत कुछ वर्षों में जिस वयान ने अपना अर्थ लगभग खो दिया है, वह…

भूदान यज्ञ : एक अनूठी क्रांति

वह 18 अप्रैल 1951 का दिन था जब तेलंगाना के पोचमपल्ली गांव के दलितों…

Upgrade to FOXIZ today and take advantage of these fantastic updates!