मांडू : इतिहास-प्रकृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम

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जून के अंतिम दिनों में जब मानसून की पहली फुहारें विंध्याचल की पहाड़ियों को भिगोती हैं, तब मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक पर्यटन नगर मांडू किसी स्वप्नलोक की तरह जीवंत हो उठता है। बादलों की धुंध में लिपटे महल, हरियाली से ढकी प्राचीरें और सदियों पुरानी प्रेम कथाओं की गूंज पर्यटकों को अपनी ओर खींचने लगती है। इस बार आने वाला पर्यटन सीजन मांडू के लिए और भी खास होने वाला है, क्योंकि यहां इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।

जहां पत्थरों में बसती है इतिहास और मोहब्बत की कहानी

मांडू, जिसे मांडवगढ़ के नाम से भी जाना जाता है, मालवा सल्तनत के गौरवशाली इतिहास का साक्षी रहा है। लगभग 45 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार और दर्जनों भव्य प्रवेश द्वारों से घिरा यह नगर अफगान स्थापत्य कला का अद्भुत नमूना माना जाता है। जहाज महल, हिंडोला महल, जामा मस्जिद और होशंगशाह का मकबरा आज भी उस स्वर्णिम युग की कहानी सुनाते हैं।

मांडू की पहचान केवल उसके स्मारकों से नहीं, बल्कि बाज बहादुर और रानी रूपमती की अमर प्रेम गाथा से भी जुड़ी है। रूपमती पवेलियन से नर्मदा घाटी का दृश्य आज भी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। मानसून में जब बादल इन स्मारकों को स्पर्श करते हुए गुजरते हैं, तब मांडू का सौंदर्य अपने चरम पर पहुंच जाता है।

स्वदेश दर्शन 2.0 से बदलेगी पर्यटन नगरी की तस्वीर

केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत मांडू में लगभग 24.89 करोड़ रुपये की लागत से कई महत्वपूर्ण पर्यटन विकास कार्य प्रस्तावित हैं । इन कार्यों का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके ठहराव की अवधि बढ़ाना और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहित करना है।

योजना के तहत जामा मस्जिद के सामने एक आकर्षक सोशल प्लाजा विकसित किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कला प्रदर्शन और स्थानीय उत्पादों के विक्रय की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे पर्यटक मांडू की संस्कृति को और करीब से महसूस कर सकेंगे।

सनसेट पॉइंट, ओपन थिएटर और किड्स जोन होंगे नए आकर्षण

रैन बसेरा क्षेत्र में आधुनिक सनसेट पॉइंट विकसित किया जाएगा, जहां ओपन थिएटर, खान-पान की सुविधाएं और बच्चों के लिए विशेष किड्स जोन बनाया जाएगा। वहीं डाइनो पार्क के समीप अत्याधुनिक पर्यटक सूचना केंद्र और कैफेटेरिया स्थापित होगा, जहां पर्यटकों को मांडू के इतिहास, स्मारकों और भ्रमण मार्गों की समग्र जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।

तीन पर्यटन सर्किटों में विकसित होगा मांडू

पर्यटन गतिविधियों को व्यापक बनाने के लिए मांडू को तीन विशेष सर्किटों में विकसित किया जा रहा है। इनमें हेरिटेज सर्किट के अंतर्गत ऐतिहासिक स्मारक, धार्मिक सर्किट में नीलकंठ मंदिर, राम मंदिर, जैन मंदिर और रेवा कुंड जैसे स्थल तथा नेचर एवं एडवेंचर सर्किट में प्राकृतिक एवं साहसिक पर्यटन स्थलों को शामिल किया जाएगा।

मानसून की हरियाली, इतिहास की विरासत और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के इस नए संगम के साथ मांडू आने वाले समय में देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार होने जा रहा है।

प्रेमविजय पाटिल
(लेखक पत्रकार हैं, और विगत लंबे समय से धार- झाबुआ आदिवासी अंचल के इतिहास और संस्कृति पर लेखन कर रहे हैं।)

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